कृपया सभी जैन बंधु ध्यान दें:

२ अप्रैल को भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव है, जन्म जयंती नहीं।
तीर्थंकर भगवंतों के कल्याणक ही मनाए जाते हैं जैनागम में कहीं भी जयंती का उल्लेख नहीं है और वैसे भी देश में अनेक श्रेष्ठ पुरुषों की जयंती मनाई जाती है जबकि तीर्थंकर प्रभु इन सबसे बहुत ऊपर हैं।
सभी से अनुरोध है कि आगे से तीर्थंकर भगवंतों के लिए जन्म कल्याणक शब्द का प्रयोग करें।
यह संदेश इतना फैला दें कि २ अप्रैल से पहले हरेक जैन के मोबाइल पर पहुँच जाए।
सामाजिक माध्यमों [ फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्स एप, गूगल प्लस] पर जो भी संदेश लिखें, अग्रेषित करें उसमें

#महावीरजन्मकल्याणक
#MahaveerJanmKalyanak
हैशटैग (#) अवश्य करें।

-Neera Jain